![]()
यह परमाणु युग की एक ठोस याद है और एक ऐसे सबक की निशानी है जो दशकों बाद भी प्रासंगिक है। इंसान भले ही अपनी सबसे खतरनाक गलतियों को हजारों टन कंक्रीट के नीचे दबा दे, लेकिन समुद्र हर दरार को खोज ही लेता है।
स्रोत: Navbharat Times | पूरी खबर यहां पढ़ें
![]()
यह परमाणु युग की एक ठोस याद है और एक ऐसे सबक की निशानी है जो दशकों बाद भी प्रासंगिक है। इंसान भले ही अपनी सबसे खतरनाक गलतियों को हजारों टन कंक्रीट के नीचे दबा दे, लेकिन समुद्र हर दरार को खोज ही लेता है।
स्रोत: Navbharat Times | पूरी खबर यहां पढ़ें
प्रातिक्रिया दे