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  • ‘कोई रिट याचिका नहीं दी गई..’: CJI सूर्यकांत ने बताया छात्रों पर पुलिस एक्शन को लेकर सुप्रीम कोर्ट में क्या हुआ – Navbharat Times

    सीजेआई सूर्यकांत ने शुक्रवार को उन रिपोर्ट का खंडन किया कि उन्होंने दिल्ली में प्रदर्शन के दौरान पुलिस कार्रवाई पर किसी रिट याचिका को सुनने से मना किया है। सुप्रीम कोर्ट में सीजेआई ने कहा कि उनके पास को रिट याचिका सुनवाई के लिए लाया ही नहीं गया।

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  • CJP Jantar Mantar Protest Live: जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के बीच दिल्ली मेट्रो के 18 स्टेशन बंद, इंटरनेट पर भी पाब – ABP News

    Sonam Wangchuk CJP Jantar Mantar Protest Live: सोनम वांगचुक ने अपना अनशन खत्म कर लिया. वो 26 दिनों से अनशन पर थे. केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह से मुलाकात में फैसला लिया.

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  • गहलोत बोले-भाजपा राज में पेपरलीक माफिया को पाला पोसा गया: कहा- नीट पेपरलीक में राजस्थान एपिसेंटर था; निष्पक… – Dainik Bhaskar

    राजस्थान के मुख्यमंत्री ने हाल ही में एक महत्वपूर्ण बयान देते हुए कहा है कि परीक्षा पत्रों के अवैध रिसाव की गंभीर समस्या से निपटने के लिए कठोर कदम उठाए जाने की आवश्यकता है। उन्होंने इस बात की ओर ध्यान आकर्षित किया कि यह समस्या विभिन्न प्रतिष्ठित परीक्षाओं को प्रभावित कर रही है और देश के शिक्षार्थियों के भविष्य को खतरे में डाल रही है।

    राज्य के प्रशासन ने स्वीकार किया है कि पिछले कुछ वर्षों में राजस्थान इस गंभीर समस्या का एक प्रमुख केंद्र बन गया है। राष्ट्रीय स्तर की महत्वपूर्ण चिकित्सा परीक्षाओं के संदर्भ में, राज्य में कई अवैध गतिविधियां सामने आई हैं जहां प्रश्न पत्र अवैध रूप से जारी किए गए और विभिन्न छात्रों तक पहुंचाए गए। इस घटनाक्रम ने राजस्थान की ईमानदार परीक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

    मुख्यमंत्री ने अपने बयान में पूर्ववर्ती शासन पर आरोप लगाते हुए कहा कि इस तरह के आपराधिक गिरोहों को संरक्षण देना और उन्हें सक्रिय रूप से काम करने देना एक गंभीर विफलता थी। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि परीक्षाओं की पवित्रता को बनाए रखना किसी भी सभ्य समाज की प्राथमिकता होनी चाहिए। जब युवाओं की मेहनत और ईमानदारी को नकारा जाता है तो पूरी व्यवस्था ही संदिग्ध हो जाती है।

    राज्य सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि वर्तमान प्रशासन परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए कई सुधारात्मक कदम उठा रहा है। प्रशिक्षण संस्थानों, परीक्षा केंद्रों और संबंधित अधिकारियों पर नजर रखने के लिए कड़े निर्देश दिए गए हैं ताकि ऐसी घटनाओं को दोबारा न दोहराया जा सके।

    यह मुद्दा केवल राजस्थान तक सीमित नहीं है बल्कि देशभर में विभिन्न राज्यों में परीक्षा पत्रों के रिसाव की घटनाएं दर्ज की गई हैं। हालांकि, राजस्थान में इस समस्या की तीव्रता और व्यापकता ने इसे विशेष चिंता का विषय बना दिया है। शिक्षार्थियों और उनके अभिभावकों का विश्वास परीक्षा व्यवस्था के प्रति पुनः स्थापित करना आवश्यक है।

    विशेषज्ञों का मानना है कि इस समस्या को दूर करने के लिए केवल सरकारी प्रयास ही काफी नहीं हैं बल्कि समाज, शिक्षण संस्थानों और प्रवर्तन एजेंसियों को मिलकर काम करना होगा। डिजिटल सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया जाना चाहिए और परीक्षा आयोजन प्रक्रिया में अधिक जवाबदेही होनी चाहिए। आने वाले दिनों में सरकार इस दिशा में अतिरिक्त कदम उठाने की योजना बना रही है।

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  • राजस्थान में कल का मौसम, डूंगरपुर-बांसवाड़ा में अति भारी बारिश का रेड अलर्ट, उदयपुर समेत 5 जिलों में ऑरेंज – Hindustan

    राजस्थान के दक्षिणी इलाकों में आने वाले दिनों में मौसम की स्थिति काफी गंभीर बनने जा रही है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग की ओर से जारी किए गए अलर्ट के अनुसार, राज्य के कुछ हिस्सों में भारी से बेहद भारी बारिश की संभावना व्यक्त की जा रही है, जिससे आने वाले समय में आवागमन और दैनिक जीवन प्रभावित हो सकता है।

    डूंगरपुर और बांसवाड़ा जिलों के लिए स्थिति सबसे चिंताजनक है, जहां अत्यधिक भारी वर्षा की चेतावनी दी गई है। इन दोनों जिलों में लाल रंग का सतर्कता संकेत जारी किया गया है, जो सर्वोच्च स्तर की सावधानी का संकेत देता है। स्थानीय प्रशासन को पहले से ही तैयारी करने के निर्देश दिए जा चुके हैं ताकि किसी भी आपातकालीन स्थिति का सामना करने में कोई देरी न हो। नागरिकों को भी सलाह दी जा रही है कि वे अपनी यात्राएं जहां तक संभव हो आगामी दिनों में स्थगित करें।

    उदयपुर के अलावा चार अन्य जिलों में भी संतरे रंग का अलर्ट घोषित किया गया है, जो यह दर्शाता है कि इन क्षेत्रों में भी काफी तेज़ बारिश हो सकती है। इस प्रकार के अलर्ट का मतलब यह है कि नागरिकों को अपनी सुरक्षा के प्रति सचेत रहना चाहिए और आवश्यक सावधानियां बरतनी चाहिए। राज्य के आपातकालीन प्रबंधन विभाग ने सभी जिला प्रशासकों से संपर्क स्थापित कर लिया है।

    मानसून का यह मौसम राजस्थान के लिए महत्वपूर्ण होता है क्योंकि यह राज्य की वार्षिक वर्षा का एक बड़ा हिस्सा लाता है। हालांकि, अत्यधिक बारिश से बाढ़ का खतरा बढ़ जाता है और नदी-नालों में पानी की अचानक वृद्धि हो सकती है। स्थानीय निवासियों को सलाह दी जा रही है कि वे नदियों और नालों के पास न जाएं और अपने घरों में रहें।

    विभिन्न ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में प्रशासन की ओर से पहले से ही नागरिकों को चेतावनी संदेश भेजे जा रहे हैं। बिजली विभाग और जल आपूर्ति विभाग भी सतर्क हैं और किसी भी विद्युत समस्या या जल संबंधी आपातकाल से निपटने के लिए तैयार हैं। स्कूल और कॉलेजों को भी निर्देश दिए गए हैं कि वे बारिश की स्थिति को ध्यान में रखते हुए अपनी कक्षाओं की व्यवस्था करें।

    आने वाले समय में मौसम विभाग द्वारा अपडेट प्रदान किए जाते रहेंगे। नागरिकों से अपेक्षा की जा रही है कि वे आधिकारिक चेतावनियों को गंभीरता से लें और अपनी सुरक्षा को प्राथमिकता दें। किसी भी आपातकालीन स्थिति में स्थानीय प्रशासन से संपर्क करना चाहिए।

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  • सागवाड़ा में भाजपा को संगठनात्मक झटका: दो दर्जन से अधिक कार्यकर्ता कांग्रेस में शामिल, सुरभि कार्यालय में ह… – Dainik Bhaskar

    राजस्थान के बारां जिले में स्थित सागवाड़ा क्षेत्र में राजनीतिक गतिविधियों में एक महत्वपूर्ण बदलाव देखने को मिला है। यहां भारतीय जनता पार्टी को अपने संगठन में एक बड़ा झटका लगा है जब इसके बीस से अधिक कार्यकर्ताओं ने राष्ट्रीय कांग्रेस पार्टी में प्रवेश किया है। यह घटना स्थानीय राजनीति में एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हो रही है और क्षेत्र की राजनीतिक परिस्थितियों को लेकर विभिन्न प्रश्नों को उजागर कर रही है।

    सागवाड़ा क्षेत्र में भाजपा का संगठनात्मक ढांचा पिछले कुछ वर्षों से महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा था। हालांकि, पार्टी के कार्यकर्ताओं का समूह कांग्रेस की ओर जाना यह संकेत देता है कि जमीनी स्तर पर राजनीतिक गतिविधियों में किस तरह के परिवर्तन हो रहे हैं। यह दलबदली की घटना न केवल भाजपा के लिए बल्कि पूरे क्षेत्र की राजनीतिक दशा के विश्लेषण के लिए भी महत्वपूर्ण है।

    इस तरह की राजनीतिक गतिविधियां आमतौर पर कई कारणों से होती हैं। स्थानीय स्तर पर पार्टी के आंतरिक संगठन, नेतृत्व की नीतियां, और जन-जमीन से जुड़े मुद्दे ऐसे निर्णयों को प्रभावित करते हैं। कार्यकर्ताओं का किसी अन्य पार्टी में जाना यह दर्शाता है कि उन्हें अपनी मौजूदा पार्टी के माध्यम से अपनी अपेक्षाओं या विचारों को पूरा करने का मार्ग नहीं दिख रहा था।

    राजस्थान की राजनीति में ऐसी घटनाएं समय-समय पर होती रहती हैं। विभिन्न राजनीतिक दल अपने संगठन को मजबूत करने के लिए निरंतर प्रयास करते हैं, लेकिन पार्टी के आंतरिक मतभेद और कार्यकर्ताओं की असंतुष्टि कभी-कभी ऐसी स्थितियां पैदा कर देती हैं।

    कांग्रेस पार्टी के लिए यह एक सकारात्मक विकास माना जा रहा है क्योंकि इससे उसके संगठन में वृद्धि हो रही है। दूसरी ओर, भाजपा के लिए ऐसी घटनाएं चिंता का विषय बनती हैं क्योंकि जमीनी कार्यकर्ता किसी भी राजनीतिक पार्टी की शक्ति का आधार होते हैं।

    आने वाले समय में इस क्षेत्र की राजनीतिक स्थिति को देखना दिलचस्प होगा। ऐसी राजनीतिक गतिविधियां दोनों पार्टियों को अपनी नीतियों और कार्यप्रणाली पर पुनः विचार करने के लिए प्रेरित करती हैं। स्थानीय जनता के हित और विकास को लेकर पार्टियों के प्रयासों का ही अंत में महत्व होता है।

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  • गुजरात में अहमदाबाद-सूरत समेत 5 शहरों में पानी भरा: कई जिलों में बाढ़; राजस्थान, यूपी और बिहार में भारी बार… – Dainik Bhaskar

    देश के विभिन्न हिस्सों में मौसमी वर्षा का सिलसिला जारी है और इससे कई राज्यों में जलजमाव की स्थिति बन गई है। गुजरात राज्य में हाल के दिनों में हुई भारी वर्षा से शहरी इलाकों में जलभराव की समस्या उत्पन्न हुई है। अहमदाबाद और सूरत जैसे प्रमुख शहरों के अलावा राज्य के अन्य कई महत्वपूर्ण शहरों में भी सड़कों पर पानी भर गया है।

    इस बाढ़ जैसी परिस्थिति से आवागमन में बाधा आ रही है और नागरिकों को दैनिक कामकाज में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। गुजरात के कई जिलों में स्थिति अधिक गंभीर हो गई है जहां बाढ़ की चेतावनी जारी की गई है। स्थानीय प्रशासन और आपातकालीन सेवाएं लोगों की सहायता के लिए तैनात हैं और जरूरतमंदों को राहत प्रदान की जा रही है।

    इसी तरह की समस्या राजस्थान, उत्तर प्रदेश और बिहार जैसे राज्यों में भी देखी जा रही है। ये सभी राज्य मानसून के मौसम में भारी बारिश के दौर से गुजर रहे हैं। मौसम विभाग की ओर से क्षेत्र में और भी अधिक वर्षा की संभावना जताई जा रही है जिससे परिस्थिति में और भी बिगड़ने का खतरा है।

    ऐसी परिस्थितियों में जनता से अपील की जा रही है कि वे अनावश्यक यात्रा से बचें और अपनी सुरक्षा को प्राथमिकता दें। बाढ़ प्रभावित इलाकों में विद्यालय और सरकारी कार्यालयों के बंद रहने की संभावना भी है। राहत कार्यों के संचालन के लिए प्रशासन पूर्ण रूप से सतर्क है और आवश्यक संसाधन तैनात किए गए हैं।

    पिछले कुछ वर्षों में भारत के विभिन्न हिस्सों में मानसून के दौरान ऐसी घटनाएं नियमित होती जा रही हैं। जलवायु परिवर्तन और शहरीकरण के कारण बाढ़ की स्थिति अधिक जटिल हो गई है। आवश्यक है कि सरकार और स्थानीय निकाय दीर्घकालीन समाधान खोजें ताकि भविष्य में नागरिकों को इस तरह की त्रासदियों का सामना न करना पड़े।

    वर्तमान में प्रभावित लोगों की सहायता करना सबसे महत्वपूर्ण कार्य है। राहत कार्यों में स्वयंसेवकों और दातव्य संगठनों की भूमिका भी सराहनीय है। प्रशासन, स्थानीय समुदाय और आम नागरिकों की सामूहिक कोशिश ही इस संकटकाल में सबसे प्रभावी साबित हो सकती है।

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  • कौन हैं अशोक शर्मा? ZIM के खिलाफ किया है इंटरनेशनल डेब्यू इमोशनल है इस खूंखार बॉलर – ABP News

    Who is Ashok Sharma: भारतीय टीम ने जिम्बाब्वे के खिलाफ पहले टी20 मैच में अशोक शर्मा को मौका दिया है. उन्होंने सिर्फ 24 साल की उम्र में अपना इंटरनेशनल डेब्यू किया है.

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  • सचिन ने कहा- पेपर लीक पर नाराजगी जायज: शुभमन गिल ने शांतिपूर्ण प्रोटेस्ट का समर्थन किया; कैफ बोले- छात्रों … – Dainik Bhaskar

    Sachin Tendulkar and cricketers support student protest regarding paper leak and merit. Follow Dainik Bhaskar Latest Updates. सचिन ने छात्रों की नाराजगी को जायज बताया है। भारतीय कप्तान गिल ने कहा कि हमें छात्रों के हित को ध्यान में रखकर आगे बढ़ना चाहिए।

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  • वैभव सूर्यवंशी वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाकर भी क्यों नहीं बन पाए ‘प्लेयर ऑफ द मैच’? जानें वजह – Hindustan

    वैभव सूर्यवंशी ने जिम्बाब्वे के खिलाफ पहले टी20 में 18 गेंदों पर फिफ्टी ठोकी। इसी के साथ वह इंटरनेशनल क्रिकेट में अर्धशतक जड़ने वाले सबसे युवा खिलाड़ी बन गए हैं। हालांकि वह प्लेयर ऑफ द वैमैच नहीं बन पाए।, Cricket Hindi News – Hindustan

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  • Indian Idol 16 Finale: किसके सिर सजेगा जीत का ताज? 26 जुलाई को होगा बड़ा फैसला – AajTak

    Indian Idol 16 Finale: किसके सिर सजेगा जीत का ताज? 26 जुलाई को होगा बड़ा फैसला – AajTak

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