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  • राजस्थान में 4 इंच बरसात, आज 22 जिलों में अलर्ट: 2 दिन अतिभारी बारिश की भी चेतावनी, जानें- अगस्त की शुरुआत … – Dainik Bhaskar

    राजस्थान के विभिन्न क्षेत्रों में इस सप्ताह मौसम विभाग की ओर से एक महत्वपूर्ण चेतावनी जारी की गई है। राज्य के कई जिलों में भारी वर्षा की संभावना से स्थानीय प्रशासन सतर्क हो गया है। मौसम के आंकड़ों के अनुसार पिछले कुछ दिनों में राजस्थान के विभिन्न हिस्सों में काफी बारिश दर्ज की गई है, जिससे आर्द्रता का स्तर बढ़ गया है।

    राज्य के 22 जिलों के लिए इस समय उच्च सतर्कता की घोषणा की गई है। मौसम विज्ञानियों का मानना है कि आने वाले दो दिनों में अतिरिक्त वर्षा की घटनाएं देखने को मिल सकती हैं। ऐसी परिस्थितियों में राहगीरों और स्थानीय जनता को सड़कों पर निकलते समय सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है। शहरी इलाकों में जल निकासी व्यवस्था को पहले से ही सुदृढ़ करने के निर्देश दिए गए हैं।

    कृषि क्षेत्र के लिए यह समय काफी महत्वपूर्ण माना जाता है क्योंकि अगस्त का महीना बारिश के मौसम का मुख्य चरण होता है। किसानों को फसलों की सुरक्षा के बारे में विशेष ध्यान देना होगा। खेतों में जलभराव से बचाव के लिए उपयुक्त नाली और जल निकास की व्यवस्था करनी चाहिए। इसके साथ ही, पशुओं को सुरक्षित स्थानों पर रखने की सलाह प्रशासन की ओर से दी जा रही है।

    नगर निकायों और स्थानीय प्रशासन विभाग की टीमें पहले से ही तैनाती के लिए तैयारी में जुट गई हैं। आपातकालीन स्थितियों से निपटने के लिए बचाव दल को सक्रिय रखा जा रहा है। विद्युत विभाग को भी निर्देश दिए गए हैं कि वह बिजली की आपूर्ति में किसी भी तरह की रुकावट से बचने के लिए अतिरिक्त सावधानी रखें।

    जल संसाधन विभाग ने बांधों और जलाशयों की निगरानी तीव्र की है। प्रत्येक जिले में जलस्तर की नियमित जांच की जा रही है। नदियों और नालों के किनारे रहने वाली आबादी को समय पर सूचित करने के लिए प्रणाली स्थापित की गई है। इस प्रकार की प्रतिकूल मौसमी परिस्थितियों में जनहानि से बचाव ही प्रशासन का प्रमुख उद्देश्य है।

    आम नागरिकों से भी अपील की जा रही है कि वे घर में रहकर अपने परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करें। अनावश्यक यात्रा से बचें और गली-मोहल्लों में पानी भरने की जानकारी तुरंत प्रशासन को दें। यह सामूहिक सहयोग ही किसी भी आपदा से निपटने का सबसे प्रभावी तरीका है।

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  • ट्रंप के सीजफायर के बीच ईरान का पहला बड़ा हमला, जॉर्डन में अमेरिकी बेस पर दागीं बैलिस्टिक मिसाइलें – AajTak

    अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने इसे अचानक किए गए हमले की कोशिश बताया है. CENTCOM के मुताबिक, सभी मिसाइलों को सफलतापूर्वक रोक दिया गया. एक दिन पहले ही अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि वॉशिंगटन और तेहरान के बीच अच्छी बातचीत चल रही है और समझौते की अच्छी संभावना है.

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  • प्रधानमंत्री आवास पर नौकरशाहों की हाई लेवल मीटिंग, पीएम मोदी ने दिए खास निर्देश – Hindustan

    पीएम मोदी ने कहा कि सरकार की हर योजना और हर फैसला का केंद्र देश का आम नागरिक होना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों से आग्रह किया कि नीतियां बनाते समय लोगों की जरूरतों और हितों को सबसे अधिक महत्व दिया जाए।, India News in Hindi – Hindustan

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  • कल का मौसम 29 जुलाई: 11 घंटे के भीतर 16 राज्यों में तूफानी बारिश का अलर्ट, 90 की स्पीड से हवा; IMD अपडेट जारी – Navbharat Times

    देश में मौसम एक बार फिर से बिगड़ने वाला है। मौसम विभाग की भविष्यवाणी के मुताबिक कल यानी 29 जुलाई को दिल्ली, यूपी, बिहार समेत 16 राज्यों में भारी बारिश और आंधी की चेतावनी जारी की गई है। इस दौरान 90 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज आंधी चलने वाली है। किसानों को सावधान रहने को कहा गया है।

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  • राजस्थान में अगले तीन दिन बारिश का दौर; उदयपुर-कोटा संभाग में भारी से अतिभारी बारिश की चेतावनी – Amar Ujala

    राजस्थान के मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में बारिश के लिए एक महत्वपूर्ण अलर्ट जारी किया है। राज्य के विभिन्न हिस्सों में अगले तीन दिनों के दौरान वर्षा की संभावना व्यक्त की जा रही है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, यह बारिश की अवधि मानसून के दौरान सामान्य मौसमी पैटर्न के अनुरूप है।

    राजस्थान के उदयपुर और कोटा संभागों में विशेष रूप से तेज वर्षा होने की संभावना है। इन क्षेत्रों में मौसम विभाग ने भारी से अतिभारी बारिश की चेतावनी दी है। ऐसी परिस्थितियों में आम नागरिकों को सतर्कता बरतने की आवश्यकता है क्योंकि अत्यधिक वर्षा से बाढ़ और भूस्खलन जैसी समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं।

    उदयपुर संभाग, जो अपनी भौगोलिक विशेषताओं के कारण पहाड़ी इलाकों से घिरा हुआ है, में भारी बारिश के दौरान विशेष सावधानी की जरूरत होती है। इसी प्रकार, कोटा संभाग के निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बन सकती है। स्थानीय प्रशासन ने आपातकालीन तैयारियां शुरू कर दी हैं और लोगों को सलाह दी है कि वे घर में रहें।

    किसान और कृषि क्षेत्र से जुड़े लोगों के लिए यह मौसम महत्वपूर्ण है। उचित मात्रा में वर्षा फसलों के लिए लाभकारी साबित होती है, लेकिन अत्यधिक बारिश से खेतों में जलभराव हो सकता है जिससे फसलें नष्ट हो सकती हैं। कृषि विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि वे अपनी खेतों की निकासी प्रणाली को सुनिश्चित करें।

    सड़कों और यातायात पर भी इस बारिश का प्रभाव पड़ सकता है। स्थानीय प्राधिकारियों ने घोषणा की है कि वे सड़कों की निगरानी जारी रखेंगे और आवश्यकता पड़ने पर कुछ रास्तों को बंद भी कर सकते हैं। यात्रियों से अनुरोध किया गया है कि वे आवश्यक यात्रा को छोड़ दें या देरी के लिए तैयार रहें।

    विद्युत विभाग और जल आपूर्ति प्राधिकरण भी अपनी तरफ से तैयारियां कर चुके हैं। भारी बारिश के समय बिजली से जुड़ी दुर्घटनाओं की संभावना बढ़ जाती है, इसलिए विद्युत कर्मी चौकस रहेंगे। जल निकासी प्रणाली की जांच की जा चुकी है ताकि शहरी क्षेत्रों में जलभराव न हो।

    आम जनता से अपेक्षा की जाती है कि वह इन दिनों अपनी सुरक्षा को प्राथमिकता दे। बुजुर्गों, बच्चों और बीमार लोगों को घर में ही रहना चाहिए। आपातकालीन सेवाएं सक्रिय रहेंगी और किसी भी समस्या की स्थिति में तुरंत सहायता के लिए नंबरें उपलब्ध हैं। मौसम विभाग आने वाले दिनों में नियमित अपडेट प्रदान करता रहेगा।

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  • छात्रों को परेशान करना बंद करें, नहीं तो CJP जल्द विरोध-प्रदर्शन करेगी, अभिजीत दीपके ने दी चेतावनी – India TV Hindi

    छात्रों को परेशान करना बंद करें, नहीं तो CJP जल्द विरोध-प्रदर्शन करेगी, अभिजीत दीपके ने दी चेतावनी – India TV Hindi

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  • पेपर लीक बिल पर बहस: सभी बड़े पदों पर RSS के लोग, NTA चीफ पर कार्रवाई क्यों नहीं; गौरव गोगोई ने सरकार को घेरा – Navbharat Times

    Exam Amendment Bill Discussion Lok Sabha: नीट पेपर लीक समेत अलग-अलग मुद्दों को लेकर जंतर मंतर पर प्रदर्शन के बाद सरकार अब नया बिल जा रही है। नए परीक्षा संशोधन बिल पर लोकसभा में चर्चा चल रही। जितेंद्र सिंह ने इस चर्चा की शुरुआत की। उन्होंने कहा कि यूपीए सरकार में भी पेपर लीक होते थे। वहीं केंद्र पर कांग्रेस नेता गौरव गोगोई ने पलटवार किया।

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  • ₹10 और ₹20 के प्लास्टिक नोट कब आएंगे, सरकार ने दी मंजूरी, सबसे पहले किस देश ने किया था जारी – Hindustan

    Plastic Note: RBI ने स्पष्ट किया है कि पॉलीमर नोट लाने का मुख्य उद्देश्य नकली नोटों पर रोक लगाना नहीं, बल्कि नोटों की उम्र बढ़ाना और उनकी गुणवत्ता बेहतर बनाना है। इससे लंबे समय में नोट छापने, ढुलाई और नष्ट करने की लागत में भी कमी आएगी।, Business Hindi News – Hindustan

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  • GI टैग पर घमासान: ‘उंझा जीरा-सौंफ’ के खिलाफ राजस्थान के किसानों की नाराजगी, बोले- यहां फसल नहीं सिर्फ कारोबार होता है – Jansatta

    राजस्थान के मसाला उत्पादक क्षेत्रों में एक नया विवाद उभरा है जो भौगोलिक संकेत यानी जीआई टैग को लेकर है। यह मामला न केवल राजस्थान के किसानों को बल्कि पूरे देश के कृषि समुदाय को प्रभावित करने वाला साबित हो रहा है। गुजरात के उंझा क्षेत्र को जीरा और सौंफ के लिए जीआई टैग मिलने के बाद राजस्थान के किसान अपनी नाराजगी जाहिर कर रहे हैं।

    राजस्थान के किसानों का मानना है कि इन मसालों का उत्पादन वास्तव में राजस्थान में बड़े पैमाने पर किया जाता है। राजस्थान की जलवायु, मिट्टी और कृषि परिस्थितियां जीरा और सौंफ की खेती के लिए अत्यंत उपयुक्त हैं। यहां के किसान पीढ़ियों से इन मसालों की खेती कर रहे हैं और उन्होंने इन फसलों को बाजार में स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

    किसानों की आपत्ति का मुख्य कारण यह है कि जीआई टैग मिलने के बाद किसी विशेष क्षेत्र के उत्पादकों को बाजार में विशेष लाभ मिलता है। इससे अन्य क्षेत्रों के किसानों का हित प्रभावित होता है। राजस्थान के किसान यह तर्क दे रहे हैं कि उंझा में तो ये मसाले केवल व्यावसायिक स्तर पर खरीदे और बेचे जाते हैं, जबकि राजस्थान में वास्तविक खेती होती है।

    इस विवाद के पीछे का सच यह है कि जीआई टैग का आशय एक विशेष भौगोलिक क्षेत्र की विशिष्ट गुणवत्ता और परंपरागत तरीकों को संरक्षित करना है। लेकिन जब किसी क्षेत्र को यह दर्जा दिया जाता है, तो उस वस्तु के उत्पादन में आने वाली अन्य जगहों के किसानों को नुकसान का सामना करना पड़ता है।

    राजस्थान में विशेषकर बाड़मेर, जैसलमेर और पाली जैसे जिलों में जीरा और सौंफ की खेती व्यापक पैमाने पर की जाती है। यहां के किसान कहते हैं कि उन्हें अपनी मेहनत का सही मूल्य नहीं मिल रहा है। जीआई टैग की वजह से बाजार में एक विशेष ब्रांड की पहचान बन जाती है, जिससे अन्य इलाकों के किसानों के उत्पाद को उचित मूल्य नहीं मिलता।

    इस विवाद को हल करने के लिए राजस्थान के कृषि समुदाय और संबंधित सरकारी विभागों को मिलकर काम करना होगा। किसानों की मांग है कि या तो राजस्थान को भी इन मसालों के लिए जीआई टैग दिया जाए, या फिर जीआई टैग की व्यवस्था को इस तरह संशोधित किया जाए जिससे सभी उत्पादक क्षेत्रों के किसानों को न्यायसंगत लाभ मिले। यह मुद्दा केवल एक क्षेत्र विशेष का नहीं बल्कि पूरे भारतीय कृषि ढांचे से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय है।

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  • CWG 2026: हरजिंदर का रिकॉर्डतोड़ प्रदर्शन, गुलवीर की ऐतिहासिक दौड़… भारत के खाते में दो और सिल्वर मेडल – AajTak

    महिलाओं के 69 किलो ग्राम वर्ग में 29 वर्षीय वेटलिफ्टर हरजिंदर कौर ने अपने करियर का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया. वहीं गुलवीर सिंह पुरुषों की 10,000 मीटर दौड़ में कॉमनवेल्थ गेम्स के इतिहास में पोडियम पर पहुंचने वाले पहले भारतीय बने. इसके अलावा भारतीय बॉक्सरों ने भी सेमीफाइनल में जगह बनाकर कम से कम तीन और मेडल पक्के कर दिए.

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