
भारतीय निवेशकों का पारंपरिक वेल्थ फॉर्मूला अब तेजी से बदल रहा है. इक्विटी, FD, गोल्ड और रियल एस्टेट के साथ क्रिप्टो, प्राइवेट क्रेडिट, स्ट्रक्चर्ड डेट और इंटरनेशनल एसेट्स जैसे विकल्प भी पोर्टफोलियो में जगह बना रहे हैं. एक्सपर्ट्स के मुताबिक, खासकर युवा और हाई-नेट-वर्थ निवेशक डाइवर्सिफिकेशन पर जोर दे रहे हैं.
स्रोत: AajTak | पूरी खबर यहां पढ़ें
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