
विदेश मंत्रालय ने अमेरिकी सांसद रिले मूर की विदेशी अंशदान संशोधन विधेयक पर आलोचना को खारिज करते हुए कहा कि भारत में कानून बनाना पूरी तरह आंतरिक मामला है. मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि विदेशी फंडिंग नियंत्रण के लिए भारत समेत कई देशों में कड़े नियम हैं। संशोधन विधेयक का उद्देश्य पारदर्शिता बढ़ाना और सार्वजनिक संपत्तियों की सुरक्षा करना है.
स्रोत: AajTak | पूरी खबर यहां पढ़ें
प्रातिक्रिया दे