
ईरान की नई कूटनीतिक चालों और यमन के हूती विद्रोहियों ने पाकिस्तान को भारी मुसीबत में डाल दिया है. सऊदी अरब के साथ हुए डिफेंस पैक्ड के तहत पाकिस्तान उसकी सुरक्षा के लिए मजबूर है, लेकिन यमन में हूतियों के खिलाफ उतरने का मतलब सीधे ईरान से दुश्मनी मोल लेना होगा. कंगाल पाकिस्तान, सऊदी अरब से मिलने वाले पैसे और तेल को भी दांव पर नहीं लगा सकता. उधर, ईरान पाकिस्तान से मध्यस्थता की बात कर उसे उलझाए हुए है. इस तरह पाकिस्तान न तो पूरी तरह सऊदी के साथ खड़ा हो पा रहा है और न ही ईरान के खिलाफ, जिससे असिम मुनीर का मुल्क पूरी तरह चौतरफा चक्रव्यूह में फंस गया है.
स्रोत: News18 हिंदी | पूरी खबर यहां पढ़ें
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