
25 जुलाई को धर्मेंद्र प्रधान ने शिक्षा मंत्री पद से इस्तीफ़ा दे दिया. अब सवाल यह है कि इस पूरे घटनाक्रम से विपक्ष को कितना राजनीतिक फ़ायदा हुआ है? क्या विपक्ष सरकार के ख़िलाफ़ एक प्रभावी नैरेटिव बनाने में सफल रहा?
स्रोत: BBC News हिंदी | पूरी खबर यहां पढ़ें
प्रातिक्रिया दे