राजस्थान से उत्तर प्रदेश तक फैला फर्जी दवाओं का जाल, स्वास्थ्य विभाग ने जारी किया हाई अलर्ट – Aaj Tak News

देश के विभिन्न हिस्सों में नकली और मिलावटी दवाओं की समस्या एक गंभीर मुद्दा बनती जा रही है। राजस्थान और उत्तर प्रदेश जैसे बड़े राज्यों में इस अवैध कारोबार का विस्तार चिंता का विषय बन गया है। स्वास्थ्य संबंधी प्राधिकार अब इस गंभीर परिस्थिति को लेकर सतर्कता बरतने के लिए सभी संबंधित विभागों को निर्देश दे चुके हैं।

नकली दवाओं का यह अवैध नेटवर्क सामान्य जनता के लिए अत्यंत हानिकारक साबित हो रहा है। इन जाली दवाओं का सेवन करने वाले रोगियों को गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। अनजाने में लोग इन खतरनाक दवाओं का उपयोग कर रहे हैं, जिससे बीमारियों का इलाज न होकर उल्टा स्थिति और भी गंभीर हो जाती है।

नियामक अधिकारियों द्वारा किए गए जांच-पड़ताल में पता चला है कि यह गतिविधि एक व्यावस्थित तरीके से संचालित की जा रही है। कई अनुमानित दवा फार्मेसियों और थोक विक्रेताओं के माध्यम से ये नकली दवाएं बाजार में पहुंच रही हैं। साधारण पैकेजिंग और असली जैसे लेबलिंग के कारण उपभोक्ताओं को असली और नकली दवा में फर्क समझना मुश्किल हो जाता है।

स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने इस बात पर जोर दिया है कि आने वाले समय में कड़ी निगरानी रखी जाएगी। केमिस्ट दुकानों, अस्पतालों और दवा भंडारों का नियमित निरीक्षण किया जाएगा। किसी भी संदिग्ध दवा मिलने पर तुरंत कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

आम लोगों को सलाह दी जा रही है कि वे केवल मान्यता प्राप्त दवा दुकानों से ही दवाएं खरीदें। दवा की खरीद के समय पैकिंग, एक्सपायरी डेट और लेबल को सावधानीपूर्वक देखना चाहिए। यदि कोई दवा संदिग्ध लगे तो फार्मासिस्ट से पूछताछ करनी चाहिए।

इस प्रकार की घटनाओं के कारण दवा उद्योग की विश्वसनीयता को नुकसान पहुंचता है। सरकारी अधिकारी यह सुनिश्चित करने का प्रयास कर रहे हैं कि केवल प्रामाणिक और गुणवत्तापूर्ण दवाएं ही आम जनता तक पहुंचें। इस लड़ाई में नागरिकों की सजग भूमिका भी महत्वपूर्ण है।

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