राजस्थान के मौसम विभाग ने आने वाले दो दिनों के लिए प्रदेश के कई हिस्सों में तेज बारिश की संभावना जताई है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, एक पश्चिमी विक्षोभ की वजह से राजस्थान के विभिन्न जिलों में अगले 48 घंटों में मूसलाधार वर्षा हो सकती है। इस चेतावनी के मद्देनजर राज्य प्रशासन ने नागरिकों से सतर्क रहने का आग्रह किया है।
राजस्थान की भौगोलिक स्थिति ऐसी है कि यहां बारिश का मौसम अक्सर अप्रत्याशित और तीव्र होता है। पश्चिमी विक्षोभ के दौरान आने वाली बारिश कभी-कभी बहुत ही भारी मात्रा में हो सकती है, जिससे बाढ़ जैसी परिस्थितियां निर्मित हो जाती हैं। इस बार भी मौसम विभाग को लगता है कि समग्र प्रदेश में व्यापक वर्षा होने वाली है, विशेषकर पूर्वी और उत्तरी जिलों में अधिक बारिश की आशंका है।
आपातकालीन प्रबंधन विभाग ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने-अपने इलाकों में तैयारी पूरी कर लें। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में विशेष निगरानी दी जा रही है ताकि किसी भी आपातकाल की स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सके। नदियों और नालों के आसपास रहने वाले लोगों को भी सचेत किया गया है कि वे अपनी सुरक्षा के लिए पहले से ही सावधानी बरतें।
राजस्थान में कृषि प्रधान अर्थव्यवस्था है, इसलिए बारिश की घटनाएं किसानों के लिए महत्वपूर्ण मानी जाती हैं। कभी-कभी अचानक आई भारी बारिश फसलों को नुकसान पहुंचा सकती है। इसी वजह से कृषि विभाग भी किसानों को सलाह दे रहा है कि वे अपने खेतों में जल निकासी की व्यवस्था सुनिश्चित करें और आवश्यक सावधानियां बरतें।
स्कूल-कॉलेजों के प्रशासन को भी कहा गया है कि वे बारिश के दिनों में बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखें। कई स्थानों पर बारिश के कारण परिवहन व्यवस्था प्रभावित हो सकती है, इसलिए यातायात विभाग भी सड़कों पर निगरानी बढ़ा दी है। आम जनता से अपील की गई है कि बारिश के दिनों में अनावश्यक यात्राएं न करें और जहां तक संभव हो घर पर ही रहें।
आपातकालीन संख्याएं सभी जिलों में सक्रिय रखी गई हैं ताकि जरूरत पड़ने पर तुरंत मदद मिल सके। स्वास्थ्य विभाग ने भी चिकित्सकों को सतर्क किया है कि बारिश के बाद पानी से जुड़ी बीमारियों में वृद्धि हो सकती है। नागरिकों को स्वच्छता का विशेष ध्यान रखने की सलाह दी जा रही है।
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