देश के 70% हिस्से में बादल छाए: 25 जुलाई तक बारिश का अलर्ट, यूपी में 40 मंदिर डूबे; राजस्थान में तापमान 41°… – Dainik Bhaskar

देश के विभिन्न हिस्सों में मौसम का मिजाज बदल रहा है। भारतीय मौसम विभाग की ओर से जारी ताजा रिपोर्ट के अनुसार, आने वाले दिनों में देश के बड़े हिस्से में बादलों की चादर छाने वाली है। मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि आगामी हफ्ते तक मानसून की गतिविधियां काफी सक्रिय रहेंगी, जिससे कई क्षेत्रों में भारी बारिश का खतरा बना रहेगा।

यूत्तर प्रदेश में हाल ही में आई बाढ़ ने काफी नुकसान पहुंचाया है। राज्य के विभिन्न जिलों में धार्मिक स्थल भी जलभराव का शिकार हुए हैं। स्थानीय प्रशासन इन इलाकों में राहत और बचाव कार्य में जुटा है। कई नदियां अपने सामान्य स्तर से ऊपर बह रही हैं, जिससे आसपास के गांवों में लोगों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित करना पड़ रहा है।

वहीं, राजस्थान में मौसम का रुख एकदम अलग है। प्रदेश के कई इलाकों में तापमान अभी भी काफी अधिक बना हुआ है। गर्मी की चिपचिपाहट लोगों को परेशान किए जा रही है। विशेष रूप से दिन के समय तापमान में उल्लेखनीय वृद्धि देखी जा रही है, जिससे लू चलने का अंदेशा भी है।

भारतीय मौसम विभाग ने देश के लगभग सत्तर प्रतिशत हिस्से के लिए आगामी कुछ दिनों में अलर्ट जारी किया है। यह अलर्ट मुख्य रूप से पश्चिमी और मध्य भारत के क्षेत्रों पर केंद्रित है। अलग-अलग क्षेत्रों के लिए अलग-अलग तरह की चेतावनियां दी गई हैं, ताकि आम जनता सतर्क रहे और आवश्यक सावधानियां बरत सके।

पच्चीस जुलाई तक बारिश की संभावना बनी रहने वाली है। इस दौरान किसानों को अपनी फसलों का विशेष ध्यान रखना चाहिए। नालियों और नाले-नहरों को अतिरिक्त जल प्रवाह के लिए तैयार किया जा रहा है। प्रशासन ने स्कूल और आंगनबाड़ियों के संचालन पर भी विचार किया है, ताकि बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

विद्युत विभाग ने भी उपभोक्ताओं को सलाह दी है कि वे बिजली के उपकरणों को सुरक्षित रखें और अनावश्यक बाहरी कार्य से बचें। स्वास्थ्य विभाग ने जल जनित रोगों से बचाव के लिए भी जनता को सलाह दी है। घरों में पर्याप्त पेयजल की व्यवस्था करने और साफ-सफाई बनाए रखने पर जोर दिया गया है।

राजस्थान के सूखाग्रस्त इलाकों के लिए ये बारिश एक वरदान साबित हो सकती है। कृषि विभाग को उम्मीद है कि इस मानसून में भूजल स्तर में सुधार होगा और खरीफ फसलों की बुवाई में मदद मिलेगी। हालांकि, अचानक बाढ़ जैसी परिस्थितियों से भी बचना जरूरी है। सभी जिलाप्रशासन अपनी तैयारी पूरी कर चुके हैं और आपातकालीन स्थिति के लिए सतर्क हैं।

आम लोगों से अपील की जा रही है कि वे अपनी सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दें और मौसम विभाग की चेतावनियों पर गंभीरता से ध्यान दें।

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