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कलकत्ता हाई कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि वोटर, आधार, पैन कार्ड और बैंक खाते भारतीय नागरिकता का निर्णायक प्रमाण नहीं हैं।
अदालत ने मुर्शिदाबाद के एक व्यक्ति की याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि नागरिकता साबित करने की जिम्मेदारी व्यक्ति पर होती है।
स्रोत: Jagran | पूरी खबर यहां पढ़ें
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