
शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का लंबा सियासी सफ़र अस्सी के दशक में छात्र राजनीति से ही शुरू हुआ था. 1997 में प्रश्नपत्र लीक के विरुद्ध प्रदर्शन करते हुए उन्होंने पुलिस की लाठी खाई थीं.
स्रोत: BBC News हिंदी | पूरी खबर यहां पढ़ें
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शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का लंबा सियासी सफ़र अस्सी के दशक में छात्र राजनीति से ही शुरू हुआ था. 1997 में प्रश्नपत्र लीक के विरुद्ध प्रदर्शन करते हुए उन्होंने पुलिस की लाठी खाई थीं.
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CJP के नेतृत्व में जारी विरोध प्रदर्शन के चलते जंतर-मंतर को पूरी तरह बैरिकेड लगाकर सील कर दिया गया है. इलाके में भारी पुलिस बल और सुरक्षा व्यवस्था तैनात की गई है.
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राजस्थान के एक रेलवे स्टेशन में एक असामान्य घटना देखने को मिली है, जिसने यात्रियों के बीच अचानक घबराहट का माहौल पैदा कर दिया। स्टेशन के प्लेटफॉर्म पर एक बड़े आकार का मगरमच्छ अचानक दिखाई दिया, जिससे लोगों में तुरंत भागदौड़ मच गई। इस घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया है और लोगों को काफी चौंकाया है।
रेलवे स्टेशन पर यात्रियों की आवाजाही का समय होने के कारण यह घटना और भी गंभीर साबित हुई। जब स्टेशन के आसपास इस जंगली जानवर की मौजूदगी का पता चला, तो लोग तुरंत अपनी सुरक्षा को लेकर सतर्क हो गए। भीड़ भरे स्टेशन पर ऐसी किसी अप्रत्याशित घटना का होना निश्चित रूप से चिंताजनक है। यात्रियों के बीच पहली प्रतिक्रिया घबराहट और आत्मरक्षा की ही रही, जिससे प्लेटफॉर्म पर अफरातफरी का माहौल बन गया।
राजस्थान एक ऐसा क्षेत्र है जहां वन्यजीवन काफी विविध है। हालांकि, आबादी वाले क्षेत्रों में ऐसे खतरनाक जानवरों का पहुंचना चिंता का विषय बनता जा रहा है। शहरी इलाकों में वन्यजीवों की घुसपैठ बढ़ती जा रही है, जो मानव-जानवर संघर्ष को लेकर एक महत्वपूर्ण सवाल उठाता है। विकास और शहरीकरण के चलते जंगली जानवरों का प्राकृतिक आवास सिकुड़ता जा रहा है, जिससे वे आबादी वाले इलाकों की ओर आने के लिए बाध्य हो रहे हैं।
इस घटना के बाद स्टेशन प्रशासन को तुरंत कार्रवाई करनी पड़ी। स्थानीय वन विभाग और संबंधित अधिकारियों को सूचित किया गया ताकि इस जानवर को सुरक्षित तरीके से वहां से हटाया जा सके। ऐसी परिस्थितियों में विशेषज्ञों की टीम को ही यह काम सौंपा जाता है, ताकि न तो जानवर को नुकसान हो और न ही लोगों को।
इस प्रकार की घटनाएं जनता को सचेत करती हैं कि हमारे बीच प्रकृति और मानव समाज के बीच संतुलन बनाए रखना कितना महत्वपूर्ण है। राजस्थान में ऐसी स्थितियां समय-समय पर सामने आती हैं, जो हमें यह याद दिलाती हैं कि वन्यजीवन संरक्षण और शहरी योजना दोनों को एक साथ ध्यान में रखना होगा।
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राजस्थान के विभिन्न हिस्सों में हाल के दिनों में तेज बारिश का सिलसिला जारी है। इस मौसम की मार से राज्य के परिवहन नेटवर्क को भी गंभीर चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। रेलवे विभाग को इस वर्षा के कारण अपनी सेवाएं बाधित करनी पड़ी है और कई ट्रेनों के संचालन पर सीधा असर पड़ा है।
भारतीय रेलवे के अधिकारियों के अनुसार, गहन बारिश के चलते ट्रैक के कई हिस्सों में जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो गई है। इसके परिणामस्वरूप, रेलवे प्रशासन को यातायात की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कई ट्रेनों को रद्द करने का निर्णय लेना पड़ा है। यह कदम यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए एक जिम्मेदारीपूर्ण कदम माना जा रहा है।
इस समय राजस्थान के कई जिलों में एक दर्जन से अधिक ट्रेनें निरस्त की गई हैं। इनमें दूरदराज इलाकों को जोड़ने वाली लोकल और एक्सप्रेस श्रेणी की गाड़ियां भी शामिल हैं। ये ट्रेनें मुख्य रूप से राजस्थान के पूर्वी और मध्य भागों में संचालित होती हैं, जहां वर्तमान में मौसम की स्थिति अत्यंत गंभीर है।
रेलवे विभाग ने यात्रियों से अपील की है कि वे अपनी यात्रा की पूरी जानकारी आधिकारिक वेबसाइट और हेल्पलाइन के माध्यम से प्राप्त करें। यह सलाह दी जा रही है कि लोग बारिश के मौसम में अपनी यात्रा के पहले ही रेल सेवा की स्थिति के बारे में जान लें। रेलवे स्टेशनों पर भी नोटिस बोर्ड लगाए गए हैं जिनमें निरस्त ट्रेनों की सूची दी गई है।
इस तरह की आपातकालीन परिस्थितियों में रेलवे प्राधिकरण को अपने यांत्रिक और मानव संसाधनों को गतिविधि के लिए तैयार रहना पड़ता है। ट्रैक पर निरीक्षण दल लगातार काम कर रहे हैं ताकि जल निकासी का काम तेजी से पूरा किया जा सके। एक बार जब मौसमी स्थिति सामान्य हो जाएगी, तो ये निरस्त ट्रेनें फिर से अपना संचालन शुरू कर देंगी।
राजस्थान में बारिश की यह घटना खरीफ सीजन के दौरान एक सामान्य परिघटना है। हालांकि, जब अत्यधिक वर्षा होती है तो बुनियादी ढांचे पर इसका असर स्पष्ट दिखता है। सड़क, रेल और वायु परिवहन सभी पर इसका प्रभाव पड़ता है। ऐसे समय में नागरिकों से आग्रह किया जाता है कि वे घर पर ही रहें और सार्वजनिक परिवहन का उपयोग केवल आवश्यक कार्यों के लिए करें।
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, आने वाले कुछ दिनों में इस तरह की वर्षा जारी रह सकती है। इसलिए यात्रियों को सलाह दी जाती है कि वे अपनी यात्रा को स्थगित करने पर विचार करें या फिर किसी वैकल्पिक परिवहन साधन का चयन करें। रेलवे विभाग ने वादा किया है कि सामान्य परिस्थितियों के बहाल होने के बाद, सभी निरस्त ट्रेनों को फिर से नियमित रूप से चलाया जाएगा।
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बिहार के झंडू कुमार ने पुरुषों की हैवीवेट पैरा पावरलिफ्टिंग में ब्रॉन्ज मेडल जीतकर कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत का पहला मेडल हासिल किया.
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टीवी एक्ट्रेस अपरा मेहता ने बताया है कि वह और उनके पति 23 साल पहले क्यों अलग हो गए थे, पर तलाक आज भी नहीं हुआ है। अपरा ने बताया कि दर्शन ने उन्हें सबसे बदसूरत औरत कहा था। ये भी कहा था कि अब उन्हें उनसे प्यार नहीं रहा और फिर एक दिन घर छोड़कर चले गए।
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Gold-Silver Price Fall: दो दिनों से सोना-चांदी के दाम टूट रहे हैं और न सिर्फ वायदा कारोबार में, बल्कि घरेलू मार्केट में भी ये कीमती धातुएं सस्ती हो गई हैं. MCX पर चांदी तो अपने हाई से अब 2.02 लाख रुपये से ज्यादा सस्ती मिल रही है.
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यमन से सऊदी अरब पर मिसाइल और ड्रोन हमले हुए हैं, जिनमें जिजान औद्योगिक शहर की एक अहम सुविधा और अरामको से जुड़ी तेल सुविधा निशाना बनी. हमलों के बाद कई इलाकों में बिजली गुल हो गई और यानबू प्रांत के लिए आपातकालीन अलर्ट जारी किया गया. दोनों मुल्कों के बीच एक बार फिर से तनाव चरम पर पहुंच गया है.
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ईरान के जलक्षेत्र में एक LPG टैंकर पर मिसाइल हमला हुआ है. जहाज पर सवार सभी 28 भारतीय नाविक सुरक्षित हैं. भारतीय दूतावास ने घटना की पुष्टि करते हुए कहा है कि वह संबंधित अधिकारियों के संपर्क में है.
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ईरान ने लाल सागर में सऊदी अरब की नाकेबंदी के लिए यमन के हूती विद्रोहियों को हथियारों की नई खेप भेजी है। इन हथियारों के साथ आईआरजीसी के कमांडर और ट्रेनर भी यमन पहुंचे हैं। ईरान के हथियारों में मिसाइलें और ड्रोन शामिल हैं, जो लाल सागर में जहाजों को निशाना बना सकते हैं।
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