
बिहार के झंडू कुमार ने पुरुषों की हैवीवेट पैरा पावरलिफ्टिंग में ब्रॉन्ज मेडल जीतकर कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत का पहला मेडल हासिल किया.
स्रोत: AajTak | पूरी खबर यहां पढ़ें
\n\n
सामग्री पर जाएं
बिहार के झंडू कुमार ने पुरुषों की हैवीवेट पैरा पावरलिफ्टिंग में ब्रॉन्ज मेडल जीतकर कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत का पहला मेडल हासिल किया.
स्रोत: AajTak | पूरी खबर यहां पढ़ें

कॉकरोच जनता पार्टी यानी सीजेपी के प्रवक्ता सौरव दास और आशुतोष रांका ने 24 जुलाई को दिल्ली के कॉन्स्टीट्यूशन क्लब में केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह से मुलाक़ात की.
स्रोत: BBC News हिंदी | पूरी खबर यहां पढ़ें
![]()
देश के पश्चिमी इलाके में खतरनाक बारिश के बीच मौसम विभाग ने नया अलर्ट जारी कर दिया है। मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक कल यानी 24 जुलाई के लिए दिल्ली, यूपी, बिहार सहित 17 राज्यों में भारी बारिश और आंधी की चेतावनी जारी की गई है। इस दौरान 85 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी चल सकती है।
स्रोत: Navbharat Times | पूरी खबर यहां पढ़ें

दिल्ली पुलिस का कहना है कि जंतर-मंतर पर हो रहे प्रदर्शनों की सुरक्षा बढ़ाने के लिए चेहरे पहचानने वाली फेशियल रिकग्निशन सिस्टम वाली चार मशीने लगाईं गई हैं. इसका मकसद आम प्रदर्शनकारियों पर नजर रखना नहीं, बल्कि ऐसे लोगों की पहचान करना है जो किसी पुराने मामले में वांछित हैं या जिनका पुराना क्रिमिनल रिकॉर्ड है.
स्रोत: AajTak | पूरी खबर यहां पढ़ें

CJP Protest in Delhi Live Updates: कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के फाउंडर अभिजीत दिपके ने स्पष्ट किया है कि भले ही सोनम वांगचुक ने अपना अनशन समाप्त कर दिया हो, लेकिन CJP का शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा. उन्होंने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे तक जंतर-मंतर पर प्रदर्शन जारी रहेगा.
स्रोत: AajTak | पूरी खबर यहां पढ़ें
देश के विभिन्न हिस्सों में मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में गंभीर मौसमी स्थितियों के लिए सतर्कता जारी की है। विशेषकर पश्चिमी और पूर्वी क्षेत्रों में तेज हवाओं और भारी वर्षा की संभावना व्यक्त की जा रही है। यह मौसमी गतिविधि मई के महीने में काफी सामान्य होती है जब मानसून की पूर्व पीठिका के रूप में ऐसे तूफानी मौसम देखे जाते हैं।
गुजरात राज्य में विशेष चेतावनी दी गई है जहां आने वाले शनिवार को काफी तीव्र बारिश की आशंका है। इस क्षेत्र में बादलों की गहनता अधिक होने के कारण वर्षा की तीव्रता भी अधिक हो सकती है। ऐसी परिस्थितियों में आमतौर पर सार्वजनिक गतिविधियां प्रभावित होती हैं और लोगों को विशेष सावधानी बरतनी पड़ती है।
पूर्वी भारत में ओडिशा प्रांत के साथ-साथ आस-पास के क्षेत्रों में भी तूफानी हवाओं का खतरा बना हुआ है। इन इलाकों में आंधी और बारिश दोनों एक साथ आने से स्थिति और भी गंभीर बन सकती है। ऐसी परिस्थितियों में वृक्षों का गिरना, विद्युत आपूर्ति में व्यवधान और यातायात प्रणाली में बाधा आना आम बात होती है।
राजस्थान क्षेत्र में भी इस मौसमी प्रणाली का प्रभाव महसूस किया जा सकता है। प्रदेश के विभिन्न जिलों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ हवाओं की तेजी की संभावना है। राजस्थान में गर्मी के इस मौसम में ऐसी बारिश किसानों के लिए काफी महत्वपूर्ण होती है, परंतु अचानक आने वाले तूफान नुकसानदेह भी साबित हो सकते हैं।
मौसम विभाग की ओर से जारी निर्देशों के अनुसार आमजन को अपनी सुरक्षा को लेकर सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है। मजबूत इमारतों में रहना, जहां संभव हो वहां घर के अंदर रहना और अनावश्यक बाहर निकलने से बचना इस दौरान आवश्यक माना जा रहा है। बुजुर्गों और बच्चों को विशेष ध्यान देने की जरूरत है।
किसानों को अपनी फसलों की सुरक्षा के लिए भी तैयारी करनी चाहिए। खेतों में जल भराव से बचाव के उपाय किए जाएं और ढीली मिट्टी को समतल किया जाए। पशुओं को सुरक्षित स्थानों पर रखना भी महत्वपूर्ण है ताकि किसी प्रकार की समस्या न आए।
प्रशासनिक स्तर पर भी तैयारियां की जा रही हैं। आपातकालीन सेवाओं को अलर्ट किया गया है और राहत कार्यों के लिए आवश्यक संसाधन जुटाए जा रहे हैं। स्थानीय प्रशासन इस मौसमी घटना से निपटने के लिए पूरी तरह सजग है और किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई के लिए तैयार है।
ऐसी मौसमी स्थितियों में जनता का सहयोग और जागरूकता भी बेहद जरूरी है। सभी को प्रशासन और मौसम विभाग द्वारा दी गई चेतावनियों को गंभीरता से लेना चाहिए और अपनी सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देनी चाहिए।
Source: Read full article
राजस्थान के करौली जिले में हाल ही में एक रहस्यमय मामले को लेकर पुलिस प्रशासन में खलबली मच गई है। इस घटना से जुड़ी जांच-पड़ताल में राजस्थान और मध्य प्रदेश दोनों राज्यों की पुलिस एक साथ काम कर रही है। माना जा रहा है कि करौली के घने जंगलों में कई शताब्दियों पुरानी एक ऐतिहासिक तोप दफन होने की जानकारी मिली है, जिसके बारे में पुलिस द्वारा गहन जांच की जा रही है।
इस पूरे मामले में यह रोचक बात सामने आई है कि स्थानीय लोगों के बीच सदियों से इस प्राचीन तोप के बारे में कहानियां और किंवदंतियां प्रचलित रही हैं। ऐतिहासिक मूल्य की इस वस्तु से संबंधित विभिन्न तरह की अफवाहें और अनुमान लगाए जा रहे हैं। पुलिस के लिए यह मामला इसलिए भी महत्वपूर्ण हो गया है क्योंकि ऐसी दुर्लभ वस्तुओं का तस्करी में प्रयोग किया जा सकता है या फिर किसी अवैध उद्देश्य के लिए इनका दुरुपयोग किया जा सकता है।
करौली जिला अपने ऐतिहासिक महत्व के लिए जाना जाता है। यह इलाका मध्यकालीन भारत की कई महत्वपूर्ण घटनाओं से जुड़ा हुआ है। इसी क्षेत्र में कई पुरानी संरचनाएं, किले और अन्य ऐतिहासिक निदर्शन पाए गए हैं। इन सभी चीजों को देखते हुए यह संभव है कि यह तोप भी इसी क्षेत्र के गौरवशाली अतीत से संबंधित हो।
जब दो राज्यों की पुलिस एक साथ किसी मामले में काम करती है, तो यह दर्शाता है कि मामला काफी गंभीर और जटिल है। संभवतः इस तोप के बारे में जानकारी सीमावर्ती इलाकों से आई हो या फिर यह मामला राजस्थान और मध्य प्रदेश दोनों को प्रभावित करता हो। पुलिस की संयुक्त छापेमारी से स्पष्ट है कि अधिकारियों को लगता है कि किसी अपराधिक नेटवर्क का हाथ इस मामले में हो सकता है।
ऐतिहासिक वस्तुओं की सुरक्षा और संरक्षण भारत के लिए एक महत्वपूर्ण विषय है। ऐसी दुर्लभ चीजें देश की सांस्कृतिक धरोहर का हिस्सा होती हैं और इनका राष्ट्रीय महत्व होता है। इसीलिए पुलिस और सरकारी एजेंसियां ऐसी वस्तुओं की खोज और संरक्षण के प्रति सचेत रहती हैं।
वर्तमान समय में सूचना प्रौद्योगिकी और बेहतर पुलिसिंग तकनीकों के माध्यम से ऐसी प्राचीन वस्तुओं को खोजना आसान हो गया है। स्थानीय जनता की सहायता और सूचना के आधार पर अक्सर पुलिस को महत्वपूर्ण सुराग मिलते हैं। करौली के इस मामले में भी जनता की चेतना और पुलिस की कार्यक्षमता का मेल सार्थक साबित हो सकता है।
यह घटना हमें याद दिलाती है कि हमारे चारों ओर ऐतिहासिक खजाने बिखरे हुए हैं जिनकी खोज और संरक्षण आवश्यक है। राजस्थान जैसे राज्य में जहां इतिहास की परतें गहराई में बिछी हुई हैं, वहां नियमित रूप से ऐसी खोजें होती रहती हैं और भविष्य में भी होती रहेंगी।
Source: Read full article
राजस्थान और मध्यप्रदेश की पुलिस एक महत्वपूर्ण ऐतिहासिक कलाकृति को खोजने के लिए एक साथ काम कर रही है। नरवर किले से चार सौ साल पहले के दौर की एक तोप गायब हो गई है। यह घटना सांस्कृतिक विरासत की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती है।
नरवर क्षेत्र भारतीय इतिहास का एक महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है। यह किला कई शताब्दियों से क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान का प्रतीक माना जाता है। यहां मौजूद प्राचीन वस्तुएं भारतीय सैन्य इतिहास के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी देती हैं। तोप जैसी वस्तुएं न केवल ऐतिहासिक महत्व रखती हैं, बल्कि कला और तकनीकी विकास का भी प्रमाण होती हैं।
इस तरह की चोरी की घटनाएं भारत के विभिन्न हिस्सों में होती रहती हैं। मध्यकालीन दुर्गों और किलों में संरक्षित वस्तुएं अक्सर अवैध बाजार में बिकने के लिए चोरी की जाती हैं। ये कलाकृतियां अंतरराष्ट्रीय बाजार में काफी मूल्यवान मानी जाती हैं, जिससे अपराधियों का हौसला बढ़ता है।
राजस्थान और मध्यप्रदेश दोनों राज्य अपनी समृद्ध ऐतिहासिक धरोहर के लिए जाने जाते हैं। इन राज्यों की सीमाएं एक दूसरे के पास हैं, जिससे अपराधियों के लिए एक राज्य से दूसरे राज्य में जाना आसान हो जाता है। ऐसी परिस्थिति में दोनों राज्यों के कानून प्रवर्तन एजेंसियों का समन्वय बहुत जरूरी हो जाता है।
संयुक्त अभियान का यह कदम एक सकारात्मक पहल है। दोनों राज्यों की पुलिस की टीमें चोरी की गई तोप को खोजने के लिए क्षेत्र में तलाशी अभियान चला रही हैं। इस काम में स्थानीय समुदाय की जानकारी भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
भारतीय पुरातत्व विभाग और सांस्कृतिक संस्थाएं ऐसी घटनाओं को गंभीरता से लेती हैं। प्राचीन वस्तुओं की सुरक्षा के लिए विभिन्न कानून बनाए गए हैं। हालांकि, सीमित संसाधन और बड़े क्षेत्रों के कारण इन वस्तुओं की निगरानी कठिन हो जाती है।
यह मामला इस बात को दर्शाता है कि भारत की साझी विरासत को बचाने के लिए कितने प्रयास की जरूरत है। तोप जैसी ऐतिहासिक वस्तुएं न केवल भारतीय समाज के लिए, बल्कि पूरी मानव सभ्यता के लिए महत्वपूर्ण हैं। इन कलाकृतियों का संरक्षण आने वाली पीढ़ियों के लिए अत्यंत आवश्यक है।
Source: Read full article

NEET पेपर लीक के खिलाफ मुंबई में प्रदर्शन के दौरान एक पुलिसकर्मी पर महिला प्रदर्शनकारी से गलत व्यवहार करने का आरोप लगा है. वीडियो वायरल होने के बाद विपक्ष ने कार्रवाई की मांग की, जबकि मुंबई पुलिस ने आरोपों को खारिज किया है.
स्रोत: AajTak | पूरी खबर यहां पढ़ें

Jantar Mantar CJP Protest: नीट पेपर लीक विवाद में सरकार एक्शन मोड में आ गई है. केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और सीजेपी नेताओं की अहम बैठक हुई. छात्रों पर दर्ज केस हटाने और मुआवजे पर सैद्धांतिक सहमति बन गई है. वहीं शिक्षा मंत्री के इस्तीफे पर सरकार ने कल तक का समय मांगा है. सोनम वांगचुक ने भी अनशन खत्म कर दिया है. पीएम मोदी ने पेपर लीक पर सख्त कानून और फास्ट ट्रैक कोर्ट का ऐलान किया है.
स्रोत: News18 हिंदी | पूरी खबर यहां पढ़ें