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लेखक: infosundarirecords@gmail.com

  • जंतर-मंतर पर गोली चलाने की वकालत करने वाले हिंदुत्व विचारक टीजी मोहनदास से आरएसएस ने बनाई दूरी – BBC

    राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने दक्षिणपंथी राजनीतिक विश्लेषक और हिंदुत्व विचारक टीजी मोहनदास की नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर हाल में हुए स्टूडेंट्स प्रोटेस्ट पर की गई विवादित टिप्पणियों की निंदा की है.

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  • Ethanol Blending: E20 पेट्रोल इस्तेमाल करने पर इंश्योरेंस क्लेम खारिज हो सकता है? सरकार ने दी जानकारी – Navbharat Times

    E20 Petrol Insurance Claim: E20 पेट्रोल को लेकर सरकार ने एक बड़ा क्‍लैरिफिकेशन दिया है। उसने साफ कहा है कि इसका इस्‍तेमाल करने पर इंश्‍योरेंस क्‍लेम खारिज नहीं किया जा सकता है। इसके पहले पेट्रोलियम मंत्रालय की ओर से इथेनॉल-ब्‍लेंडेड पेट्रोल से जुड़ी कई गलतफहमियों को दूर करने के लिए एक डिटेल्‍ड प्रेस रिलीज भी जारी की गई थी।

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  • ईरान से परेशान कुवैत ने PAK से मिलाया हाथ, करेगा सऊदी जैसी डील! – AajTak

    अमेरिका-ईरान युद्ध के बीच कुवैत पाकिस्तान के साथ अपने रक्षा सहयोग को सऊदी अरब जैसे आपसी सुरक्षा समझौते तक बढ़ाना चाहता है. हालांकि, पाकिस्तान क्षेत्रीय तनाव के कारण सतर्क रुख अपनाए हुए है और फिलहाल लड़ाकू सैनिक तैनात करने के पक्ष में नहीं दिख रहा.

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  • कौन हैं सिंगर Jass Manak की दुल्हन? बनेंगी पंजाबी परिवार की बहू, इतनी हैं ग्लैमरस – AajTak

    जस मानक और कोमल की जोड़ी फैंस को काफी पसंद आ रही है. फैंस कपल पर प्यार लुटा रहे हैं और उन्हें हमेशा यूं ही साथ में खुश रहने की दुआएं दे रहे हैं. 

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  • Rajasthan Kal Ka Mausam : जयपुर-कोटा समेत कई जिलों में बारिश, जानें राजस्थान में कहां भारी बरसात का अलर्ट – News18 Hindi

    राजस्थान में आने वाले दिनों में मौसम में महत्वपूर्ण बदलाव देखने को मिल सकता है। मौसम विभाग की ओर से जारी पूर्वानुमान के अनुसार, प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश की संभावना जताई जा रही है। इस मौसमी परिवर्तन को लेकर आम जनता और किसानों के बीच काफी चिंता देखी जा रही है, क्योंकि बारिश का सीधा असर कृषि कार्यों और दैनिक जीवन पर पड़ता है।

    जयपुर जैसे प्रमुख शहरों सहित राजस्थान के पूर्वी इलाकों में वर्षा की सूचना मिल रही है। इसके अलावा कोटा क्षेत्र में भी मौसमी गतिविधियों में तेजी आने की संभावना व्यक्त की जा रही है। ये क्षेत्र पहले से ही मानसूनी प्रभाव के अंतर्गत आते हैं, इसलिए यहां पानी गिरने की संभावना अधिक रहती है। प्रदेश के अन्य कई जिलों में भी इसी तरह की मौसमी स्थिति बनने की आशंका है।

    मौसम विभाग के विशेषज्ञों का मानना है कि यह बारिश मध्यम से भारी तीव्रता की हो सकती है। ऐसे में आम आदमी को सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है। घरों में पानी भरने, सड़कों पर जलजमाव और अन्य संभावित समस्याओं से बचाव के लिए प्रशासनिक स्तर पर तैयारियां की जा रही हैं।

    किसानों के लिए यह मौसमी परिस्थिति अलग-अलग अर्थ रखती है। जहां कुछ फसलों के लिए सही वक्त पर बारिश फायदेमंद साबित होती है, वहीं अन्य फसलें भारी बारिश से प्रभावित हो सकती हैं। इसलिए किसान भाइयों को अपनी खेती की रक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाने चाहिए।

    शहरी क्षेत्रों में भी बारिश को लेकर सावधानी बरतने की जरूरत है। निचली आबादियों में रहने वाले लोगों को अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करनी चाहिए। दरअसल, अचानक आने वाली बारिश कई बार गंभीर परिस्थितियां पैदा कर सकती है। इसलिए स्थानीय प्रशासन ने भी आवश्यक एहतियात बरतने को कहा है।

    राजस्थान एक रेगिस्तानी क्षेत्र है जहां पानी बेहद कीमती चीज मानी जाती है। ऐसे में बारिश न केवल पर्यावरण के लिए बल्कि जल संचयन के दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण होती है। यदि सही तरीके से पानी को संरक्षित किया जाए तो यह गर्मी के मौसम में बेहद उपयोगी साबित होगा।

    आने वाले समय में अगर भारी बारिश होती है तो लोगों को अपनी यात्रा को स्थगित करना चाहिए और घर पर ही रहना बेहतर होगा। वाहन चालकों को सड़कों पर विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। बुजुर्ग और बच्चों को विशेष ध्यान देने की भी जरूरत है क्योंकि अचानक मौसमी बदलाव से स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं भी उत्पन्न हो सकती हैं।

    अंत में, मौसम विभाग की चेतावनियों को गंभीरता से लेना चाहिए और तदनुसार अपनी तैयारी करनी चाहिए। यह सूचनाएं जनता की सुरक्षा के लिए ही दी जाती हैं।

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  • लखनऊ में विधायक निवास की 7वीं मंजिल से गिरकर पूर्व मंत्री की मौत, हत्या या आत्महत्या की मिस्ट्री में उलझी पुलिस – Navbharat Times

    राजधानी लखनऊ के लालबाग विधायक निवास से गिरकर पूर्व मंत्री नानकदीन भुर्जी की मौत हो गई। पुलिस हत्या और आत्महत्या दोनों एंगल से जांच कर रही है।

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  • ‘कोई और तय नहीं करेगा कि अमेरिका क्या बेचेगा’, F-35 डील पर ट्रंप ने नेतन्याहू को दिया जवाब – India TV Hindi

    ‘कोई और तय नहीं करेगा कि अमेरिका क्या बेचेगा’, F-35 डील पर ट्रंप ने नेतन्याहू को दिया जवाब – India TV Hindi

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  • Silver Price Crash: क्या ₹2 लाख से नीचे फिसलेगी चांदी? अचानक आज बड़ी गिरावट – AajTak

    Gold-Silver Rate Fall: मंगलवार को कमोडिटी मार्केट में कारोबार ओपन होने के साथ ही सोना-चांदी की कीमतों में बड़ी गिरावट आई है. इसके बाद अब 1 Kg Silver Price वायदा बाजार में अपने हाई से 2.03 लाख रुपये तक सस्ती हो गई है.

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  • दुनियाभर के बॉक्स ऑफिस पर Jana Nayagan का कब्जा, पांचवें दिन विजय की फिल्म पर हुई धनवर्षा – Jagran

    साउथ सुपरस्टार विजय थलापति की लेटेस्ट फिल्म जन नायकन ने वर्ल्डवाइड कमाई के मामले में गर्दा उड़ा दिया है।

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  • बंगाल की खाड़ी के डिप्रेशन से बदलेगा राजस्थान का मौसम, जयपुर-कोटा समेत कई जिलों में बारिश – Hindustan

    राजस्थान के मौसम में आने वाले दिनों में महत्वपूर्ण बदलाव देखने को मिल सकता है। बंगाल की खाड़ी से एक मौसमी प्रणाली सक्रिय होने वाली है जिसका असर राज्य भर में महसूस किया जा सकता है। मौसम विभाग की ओर से जारी पूर्वानुमानों के अनुसार, आने वाले दिनों में राजस्थान के विभिन्न हिस्सों में वर्षा होने की संभावना है।

    जयपुर और कोटा जैसे प्रमुख शहरों सहित राज्य के कई जिलों में बारिश के आसार हैं। यह मौसमी परिवर्तन ग्रीष्मकाल की गर्मी में कुछ राहत ला सकता है। दक्षिणी और पूर्वी राजस्थान के जिलों में विशेष रूप से इस बदलाव का अधिक असर देखा जा सकता है। समुद्री प्रणालियों का राज्य के मौसम पर सीधा प्रभाव पड़ता है, विशेषकर जब बंगाल की खाड़ी में कोई कम दबाव क्षेत्र बनता है।

    ऐसी परिस्थितियों में हवाएं समुद्र से नमी लेकर आती हैं, जो बादलों के निर्माण में सहायक होती हैं। राजस्थान का अधिकांश भाग अर्द्ध-शुष्क क्षेत्र है, इसलिए इस प्रकार की बारिश आम जनता के लिए काफी महत्वपूर्ण साबित हो सकती है। किसान अपनी खेती के लिए और जनसाधारण जल संचय के लिए ऐसी वर्षा का इंतजार करते हैं।

    राजस्थान के विभिन्न क्षेत्रों में मई-जून का समय गर्मी के चरम पर होता है। इस दौरान तापमान अक्सर चालीस डिग्री सेल्सियस से अधिक हो जाता है। ऐसे में किसी भी प्रकार की बारिश आराम के झोंके लाती है। पिछले कई वर्षों में राजस्थान को मानसून से पहले की वर्षा के महत्व का एहसास हुआ है।

    मौसम विशेषज्ञ आमतौर पर सलाह देते हैं कि ऐसे समय में पानी के संरक्षण पर विशेष ध्यान दिया जाए। वर्षा का पानी यदि उचित रूप से संग्रहित किया जाए तो वह गर्मियों में काम आ सकता है। आवासीय क्षेत्रों में छत पर कटाव के माध्यम से जल संचय, कुओं और तालाबों में पानी जमा करना एक सार्थक कदम माना जाता है।

    स्थानीय प्रशासन भी सामान्यतः ऐसी मौसमी स्थितियों के लिए तैयार रहता है। आपातकालीन सेवाओं को सतर्क रखा जाता है ताकि किसी भी आकस्मिक परिस्थिति से निपटा जा सके। बारिश के दौरान कहीं जलभराव की समस्या हो तो निकासी की व्यवस्था तुरंत की जा सकती है।

    राजस्थान की जलवायु की प्रकृति को देखते हुए, ऐसी प्रत्येक वर्षा का घटना महत्वपूर्ण साबित होती है। यह न केवल भूजल स्तर में सुधार लाती है बल्कि वनस्पतियों और जीवन के लिए भी आवश्यक है। आने वाले दिनों में जारी होने वाले मौसम संबंधी अपडेट के लिए लोगों को अधिकृत स्रोतों पर नजर रखनी चाहिए।

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