राजस्थान निर्वाचन आयोग की बड़ी घोषणा,अब दो से अधिक संतान वाले भी लड़ सकते हैं पंचायत-निकाय चुनाव, पढ़ें ऑर्डर – Navbharat Times

राजस्थान में स्थानीय निकाय चुनावों को लेकर एक महत्वपूर्ण निर्णय सामने आया है जो लाखों नागरिकों को प्रभावित करेगा। राज्य के निर्वाचन आयोग ने पंचायत और नगरपालिका चुनावों के नियमों में संशोधन की घोषणा की है, जिसके तहत अब दो से अधिक संतानें रखने वाले व्यक्ति भी इन चुनावों में उम्मीदवार बन सकेंगे। यह निर्णय वर्षों से चली आ रही नीति में एक बड़ा बदलाव है।

अब तक राजस्थान में पंचायत और नगर निकाय चुनावों में भाग लेने के लिए एक प्रतिबंधात्मक नीति लागू थी। इस नीति के अनुसार, अगर कोई व्यक्ति दो से अधिक संतानें रखता था तो वह स्थानीय निकायों के चुनावों में खड़े नहीं हो सकता था। यह शर्त पिछले कई दशकों से लागू रही थी और इसका मुख्य उद्देश्य जनसंख्या नियंत्रण के संदर्भ में था।

राजस्थान निर्वाचन आयोग के इस नए आदेश के साथ, चुनावों में भाग लेने के अधिकार को लेकर नई समझ बनी है। इस कदम को एक प्रगतिशील निर्णय माना जा रहा है क्योंकि यह सभी योग्य नागरिकों को चुनाव लड़ने का बराबर मौका देता है। राज्य सरकार का मानना है कि राजनीतिक प्रक्रिया में भाग लेना एक मौलिक अधिकार है और इसे परिवार के आकार के आधार पर सीमित नहीं किया जाना चाहिए।

इस आदेश का महत्व इसलिए भी अधिक है क्योंकि राजस्थान में पंचायत और नगर निकाय स्थानीय विकास के लिए बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ग्रामीण और शहरी स्तर पर निर्णय लेने वाली इन संस्थाओं में अधिक से अधिक सक्षम व्यक्तियों का आना जनसेवा के दृष्टिकोण से अच्छा माना जा सकता है। नई नीति से प्रतिभावान उम्मीदवारों को अपनी सेवाएं देने का बेहतर मौका मिलेगा।

राजस्थान निर्वाचन आयोग के इस कदम के पीछे आधुनिक सोच और समावेशी लोकतंत्र की अवधारणा दिखाई देती है। देश के अन्य राज्यों में भी इस तरह की नीतियों पर विचार-विमर्श चल रहा है। राजस्थान इस मामले में एक अग्रणी भूमिका निभा रहा है।

नए नियमों के तहत अब स्थानीय निकायों में अधिक विविधता आने की संभावना है। विभिन्न पृष्ठभूमि और जीवन अनुभव वाले लोग अपने समुदायों की सेवा के लिए आगे आ सकेंगे। यह लोकतांत्रिक प्रक्रिया को मजबूत करने का एक सकारात्मक कदम साबित हो सकता है।

राजस्थान के निर्वाचन आयोग का यह आदेश आने वाले पंचायत और नगर निकाय चुनावों से लागू होगा। इस संबंध में सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए जा चुके हैं। मतदाता सूची और उम्मीदवारों की पात्रता जांचते समय यह नई नीति अपनाई जाएगी।

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