
सीबीआई की चार्जशीट के मुताबिक नीट-यूजी पेपर लीक की शुरुआत एनटीए के तीन कॉन्ट्रैक्ट विशेषज्ञों मनीषा मांधरे, पीवी कुलकर्णी और मनीषा हवलदार से हुई. इन्होंने पुणे में गुपचुप सेशन में छात्रों को सवाल जुबानी बताए और नोट्स की फोटो खिंचवाकर आगे भेजी. फोरेंसिक जांच में जब्त नोटबुक असली पेपर से मेल खाईं. जांच में पैसों का लेनदेन और नकद बरामदगी भी सामने आई है.
स्रोत: AajTak | पूरी खबर यहां पढ़ें
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