
केंद्र सरकार ने संसद में एथनॉल मिश्रण नीति का बचाव किया, दावा किया कि इसके बिना पेट्रोल 125 रुपये प्रति लीटर होता।
मंत्रालय के अनुसार, एथनॉल मिश्रण से उपभोक्ताओं को 30 रुपये प्रति लीटर की बचत हुई और यह वैज्ञानिक प्रक्रिया से लागू हुआ।
स्रोत: Jagran | पूरी खबर यहां पढ़ें
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