
देश के तमाम वाइस चांसलर और शिक्षाविद ने पत्र में लिखा कि भारत की संसद से हमेशा उम्मीद की जाती रही है कि यह एक ऐसा मंच हो, जहां विचारों पर गंभीरता से बहस हो. असहमति सम्मान के साथ जाहिर की जाए.
स्रोत: ABP News | पूरी खबर यहां पढ़ें

देश के तमाम वाइस चांसलर और शिक्षाविद ने पत्र में लिखा कि भारत की संसद से हमेशा उम्मीद की जाती रही है कि यह एक ऐसा मंच हो, जहां विचारों पर गंभीरता से बहस हो. असहमति सम्मान के साथ जाहिर की जाए.
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