
गृह मंत्री अमित शाह आज लोकसभा में आज जन्म और मृत्यु पंजीकरण संशोधन विधेयक 2026 पेश करेंगे. इस बिल के मुताबिक, जन्म और मृत्यु के रजिस्ट्रेशन में 1 से 2 साल की देरी पर जिला मजिस्ट्रेट, उप-मंडल मजिस्ट्रेट या कार्यकारी मजिस्ट्रेट की मंजूरी जरूरी होगी. वहीं जन्म और मृत्यु के रजिस्ट्रेशन में 2 साल से अधिक की देरी पर मामला कोर्ट जाएगा, जहां प्रथम श्रेणी न्यायिक मजिस्ट्रेट का आदेश अनिवार्य होगा.
स्रोत: AajTak | पूरी खबर यहां पढ़ें
प्रातिक्रिया दे